मेरे विचार
* एक बार तो पढ़ना चाहिए आपको मेरे इस पूरे लेख को। * 🙏🙏 मैं परिवार के मामले को रिश्तेदार, दोस्त और पहचान वालो से अलग रखना पसंद करता हूं। क्योंकि मैं जानता हूं पारिवारिक मामले को सार्वजनिक करूंगा तो मेरा परिवार टूट जाएगा। परिवार के कुछ सदस्यों के साथ मेरा भी अन बन था फिर मैने सोचा जितना ज्यादा खींचूंगा हमारा परिवार टूटता जायेगा और मैंने वो कसमें तोड़ दि जो जिससे मुझे लगा कि परिवार में दरार बढ़ता जाएगा। आज भले ही कुछ लोग और रिश्तेदार मेरी छोटी सी गलती को बढ़ा कर मेरे चरित्र पर दाग लगा रहे हो लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। ये समाज मेरे शादी के लिए किए गए गलती और मेरी निजी जिंदगी पर बढ़ चढ़ बात करेगी लेकिन खुद का चरित्र कभी नहीं देखेगी। जब भविष्य में मेरे पास कुछ नहीं होगा और अर्धांगिनी जब मुझसे कुछ मांगेगी तो वो मेरी जिम्मेदारी होगी उसकी जरूरतो को पूरा करना, समाज नहीं आएगा। अगर मेरी मृत्यु हो गई तो ये समाज मेरे परिवार को चलाने नहीं आएगी। अगर मेरे और मेरे अर्धांगिनी का संबंध खराब हो जाता हैं और हम अलग होते हैं (तलाक) तो ये समाज नहीं आएगी। समाज सिर्फ खामियां निकाल सकता है। ...
SSpD Sunny Raj 




